दुरं

हो जनजाति के विश्वास एवं कर्म के अनुसार  जीवन में अपनी इच्छा, अभिलाषा, कर्म, आनंद, रोष, दुख, अनिश्चितता और संभावनाओं को गीतो  के माध्यम से व्यक्त करते हैं।  गीतों को स्वतः रच कर धुनों मे डाला जाता है। हो गीतो में जन्म, विवाह, मृत्यु एंव आस्था पर आधारित पर्व-त्योहरों और इतिहास के अतीत को झाँकने के लिए गीतों की रचना करते हैं। ये सारे गीत जीवन मे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

 

 

दमा दुमेंग   बनाम  रुतू  सुसून  दुरं किलि